Essay Writing - How To Write A Good Essay | एक अच्छा निबंध कैसे लिखे


एक उत्तम essay लिखने के लिए (i) शुद्ध भाषा, (ii) विषय से सम्बन्धित विचार, (iii) विचारों का उचित क्रम, (iv) हृदय को प्रसन्न करने की शक्ति - इन चार बातों की आवश्यकता होती है। हमारे सामने निम्न समस्याएं हैं -


(1) शुद्ध अंग्रेजी किस प्रकार लिखें ?

(2) विषय पर विचार कैसे लायें ?

(3) रूप-रेखा कैसे बनायें ?

(4) निबन्ध में किसी भाग में किस प्रकार के विचार लिखें ?

(5) Essay को आकर्षक एवं हृदय प्रिय किस प्रकार बनायें ?


How To Write A Good Essay 


Essay Writing


ये समस्यायें ऐसी हैं जिनका सरल हल विद्यार्थियों को नहीं मिलता है । अतः हताश होकर वे लेखकों द्वारा लिखे हुए दो चार Essays याद करके परीक्षा में अपने भाग्य की आजमाइश करते हैं । यदि विद्यार्थी लगन और विश्वासपूर्वक निम्नलिखित प्रणाली द्वारा Essay लिखने का प्रयत्न करें तो वे उपर्युक्त कठिनाइयों को अल्प समय में हल कर सकते हैं ।


1. How to Write Correct English -

शुद्ध अंग्रेजी किस प्रकार लिखी जा सकती है । इसके लिए इस Part के अध्याय - 2 Essay Writing in Correct English में Translation के मुख्य नियमों का सहारा लेकर Present Tense, Past लिखने का ढंग बतलाया गया । इस अध्याय को ध्यानपूर्वक पढ़ने से कमजोर विद्यार्थियों की भी लिखने की शक्ति बढ़ जायेगी ।


2. How to Catch Ideas on a Subject-

Essay के विषय पर यथेष्ट विचार के लिये निम्नलिखित ढंग से विचार करके यथेष्ट विचार पा सकेंगे:


(a) Put Question to Yourself-

विद्यार्थी को चाहिए कि विषय पर क्या, कब "कहाँ "क्यों", "कैसे", आदि का प्रश्न करें तो उन्हें सरलतापूर्वक उनके उत्तर मिलेंगे । उन विचारों को एकत्रित कर लेना चाहिए । यदि दीपावली पर कोई Essay लिखना है तो विद्यार्थी को चाहिए जाती है ? दीपावली कैसे मनाई जाती है ? इस प्रकार प्रश्न करने पर दीपावली से सम्बन्ध रखने वाले अनेक विचार दिमाग में आएंगे और विचारों की कमी नहीं रहेगी।

(b) To View the subject from all Angles -

 यदि विषय को व्यक्तिगत दृष्टिकोण राजनीतिक दृष्टि तथा दार्शनिक दृष्टि से प्रश्न करके और इसके अतिरिक्त समय स्थान तथा कारण आदि पर विचार करने से विषय पर अनेक विचार एकत्रित किए जा सकते हैं।


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3. How to Draw up an Outline? 

निबन्ध के विषय से सम्बन्धित यथेष्ट विचार जब मस्तिष्क में आ जाये तो उन्हें उचित क्रम से लिखकर रूपरेखा (Outline) तैयार की जाती है । इसके लिए निम्न वालों की ओर ध्यान देना चाहिए ।


(a) Write Down Random Thoughts 

सर्वप्रथम जो भी विचार एकाएक या प्रश्न करने पर आते जायें उन्हें कागज पर लिख लेना चाहिए । विचारों को तब तक सोच-सोच कर लिखते जाना चाहिए जब तक काफी विचार एकत्र न हो जायें ।  

(b) Select Main Thoughts - इसके पश्चात् जो महत्त्वपूर्ण विचार हो उन्हें चुन लेना चाहिए । जो विचार किसी दूसरे में सम्मिलित हों उन्हें अलग कर देना चाहिए । कम महत्त्व के विचारों को छोड़ भी सकते हैं। ध्यान रहे कि विचार दो बार (repeat) न होने पाये। 

(c) Logical Arrangement- इसके पश्चात् विचारों को ऐसे क्रम में रखना चाहिये जिससे पढ़ने पर कहीं भी धारा टूटती न मालूम हो । एक दूसरे का सम्बन्ध श्रृंखला की भाँति जान पड़े ।

(d)Write Sub-headings of Main Thoughts- 
इसके पश्चात् मुख्य विचारों से सम्बन्धित विचारों को ढूंढ़ना चाहिए । फिर उनको मुख्य विचारों के साथ Sub-heading के रूप में लिख लेना चाहिए। इस प्रकार रूपरेखा बन जायेगी । 

4. Parts of the Essays and how to Write them-


प्रत्येक Essay तीन भागों में विभाजित कर लिया जाता है :

(1) Introduction, (2) Body, (3) Conclusion

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(1) INTRODUCTION


Essay का प्रथम पैराग्राफ Introduction कहलाता है। एक अच्छा Introduction (भूमिका) लिखने के लिए निम्नलिखित गुणों का समावेश करना आवश्यक होता हैं -
 
(i) Striking - प्रथम पैराग्राफ में इतना आकर्षण होना चाहिए कि पाठक आगे पढ़ने के लिए बाध्य हो जाय । यह कहा जाता है, "Well begun is half done" अर्थात् यदि आरम्भ अच्छा है तो हमारा आधा उद्देश्य सिद्ध हो जाता है !

(ii) Brief - Introduction बहुत बड़ा नहीं लिखना चाहिए । बहुत घुमा फिरा कर लिखने से यह बड़ा हो जाता है। ऐसा नहीं करना चाहिए । अच्छा यह होता है कि सीधे विषय पर आ जायें ।

(iii) To express the keynote of subject- Introduction में विषय का मुख्य विचार अत्यन्त कुशलतापूर्वक स्पष्ट करना चाहिये । अधिकांश लेखक विषय के महत्त्व की और पाठकों का ध्यान आकर्षित करते हैं और पाठकों की अभिरुचि का ध्यान रखते हुए अपने विषय से मानों परिचय करवाते हैं ।

Introduction प्रारम्भ करने के विभिन्न ढंग

Introduction के दो प्रमुख ढंग है- घटना का आरम्भ करना , (ख) किसी विद्वान के कथन (Quotation) से प्रारम्भ करना । 

  विद्यार्थी को कुछ Quotations या Proverbs याद कर लेना चाहिए । यदि उनसे Introduction आरम्भ किया जाता है तो सचमुच अति सुन्दर होता है । यहाँ पर कुछ ऐसे वाक्य दिये जा रहे हैं जिनसे प्राय: Introduction आरम्भ किया जा सकता है।


  •  It has been aptly remarked
  •  It cannot be again said 
  •  Some profound scholar has rightly  observed
  •  Nothing delights us more than
  •  I doubt if there can be a more interesting thing than
  •  One of the pleasant things in the world is

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(2) BODY OF THE ESSAY


इस भाग में मुख्य विचारों को भली-भाँति सही घटनाओं, उदाहरणों के मनन तथा विद्वानों के कथन आदि के द्वारा स्पष्ट किया जाता है। विद्यार्थियों को इसके सम्बन्ध में निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

(i) Paragraphing - एक प्रकार के विचार का स्पष्टीकरण एक Paragraph में करें। Paragraph के वाक्य एक दूसरे से सम्बन्धित हो और विभिन्न Paragraph भी एक दूसरे से भली-भाँति सम्बन्धित होने चाहिए । essay पढ़ने में कहीं भी प्रवाह न टूटना चाहिए। 


(ii) No repetition of thoughts - एक Paragraph के विचारों को दूसरे Paragraph में दोहराना नहीं चाहिए । जब विचारों की कमी जान पड़े तो उसी उप-विषय से सम्बन्धित कुछ और प्रश्न करें इससे नये विचार मिल जायेंगे। एक ही विचार को विभिन्न शब्दों में बार-बार प्रकट करना ठीक नहीं होता है। 


(iii) Do not make many points- समय और स्थान का ध्यान रखकर outline बनाना चाहिए । विषय से सम्बन्धित विचार जब अधिक हों तो केवल मुख्य विचारों का चुनाव करके लिखना चाहिए ।


(iv) Keep reader's interest till the end - यह परमावश्यक बात है कि पाठक की दिलचस्पी essay में अन्त तक बनी रहे । इसके लिए प्रत्येक पैराग्राफ में कुछ महत्त्वपूर्ण Points अवश्य लिखने चाहिए, इससे पाठक की दिलचस्पी अन्त तक बनी रहती है।

(v) Stick to the main point- सभी बातें विषय से सम्बन्धित लिखी जानी चाहिए । इधर उधर की नहीं हांकना चाहिए । यदि "an-ideal teacher" पर निबन्ध लिखना हो तो उसके गुण, उसकी सेवाओं आदि का वर्णन होना चाहिए न कि उसमें प्रधानाध्यापक या बालकों पर पैराग्राफ लिख डाले जायें ।

(3) CONCLUSION


Conclusion में भी Introduction के समान गुण होना चाहिए (अ) यह Brief (सूक्ष्म), (ब) आकर्षक और इसमें विषय का climax (पूरा स्पष्ट) होना चाहिए। इसमें प्रायः पांच बातें प्रकट करते हैं- 

1 Summary of the essay ( निबन्ध का सारांश ), 
2. Writer's own comments on the subject
 ( लेखक के अपने विचार )
3. Climax ( विचारों की अंतिम सीमा )
4. A moral lesson ( आदर्श शिक्षा )
5. Writer's suggestion ( लेखक के सुझाव )

the subject (लेखक के अपने विचार), 3. Climax (विचारों की अन्तिम सीमा), 4. A moral lesson (आदर्श शिक्षा) और 5. Writer's suggestion (लेखक के सुझाव) ।

5. How to make an essay attractive-

अच्छे विद्यार्थियों के लाभार्थ भी कुछ लिख देना आवश्यक है । प्रायः अच्छे विद्यार्थी essay की पुस्तकों में अच्छे तथा आकर्षक वाक्य ढूँढा करते हैं, परन्तु वे प्रायः निराश होते हैं, क्योंकि अधिकांश लेखक इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। यहाँ पर कुछ उपाय दिये जा रहे हैं जिनसे विद्यार्थी अपने आप अच्छे essay लिखने में समर्थ हो सकते हैं ।

 (a) Use of Quotations- कभी-कभी विद्वानों की लेखनी से ऐसे वाक्य निकल पड़ते हैं जो इस संसार में अमर बन जाते हैं। उसका एक-एक शब्द हृदय पर अनोखा प्रभाव डालता है। ऐसे कुछ कथनों का प्रयोग आगे दिये गये निबन्धों में किया गया है । यदि विद्यार्थी इन वाक्यों को प्रयोग करेंगे तो पाठक को आनन्द की अनुभूति प्रदान कर सकते हैं । 

(b) Use of good idioms - मुहावरों का प्रयोग भी भाषा को सुन्दर बनाता है । परन्तु यह ध्यान रहे कि उसका प्रयोग ठीक प्रकार से करना चाहिए । गंवारू मुहावरों का प्रयोग ठीक नहीं होता है। पुराने समय के मुहावरों के प्रयोग से बचना चाहिए ।

(c) Clearness - निबन्ध पाठक का ध्यान तभी आकर्षित कर सकता है जब लेखक जो लिखता है वह बोधगम्य हो । जब लेखक विषय को स्वयं स्पष्ट रूप से नहीं समझता है और गोल "बातें लिखता है तो पाठक दो चार वाक्य पढ़ने के पश्चात् ऊब जाता है । गम्भीर जटिल बातें पाठक का ध्यान आकर्षित नहीं कर सकती हैं । इसीलिए अच्छे लेखक पहले स्पष्ट रूप से सोचते समझते हैं फिर अपने विचारों को स्पष्ट करने के लिए उचित तथा सरल शब्दों का प्रयोग करते हैं ।

(d) Strength - सत्य को बढ़ा चढ़ा कर कहने से उसकी प्रभाव शक्ति नष्ट हो जाती है। उपयोगी सत्य को सरल शब्दों में ही वर्णन करने से प्रभाव शक्ति उत्पन्न होती है ।

(e) Reader's interest- पाठक की रुचि का सदैव ध्यान रखना चाहिए । उपयोगी तथा सत्य प्रकट करने वाले विचारों के सरल एवं स्पष्ट उल्लेख से पाठक का ध्यान आकर्षित किया सकता है।

(f) Rythm and Harmony - जिसकी भाषा पढ़ने और सुनने में कर्कश, अव्यवस्थित, असंगतिमय होती है उस लेखक की शैली दोषपूर्ण मानी जाती है । अतः जो कुछ लिखा जाय उसे पढ़कर देख लिया जाये कि यह कर्णप्रिय है या नहीं ।

6. How to make good sentences-


एक अच्छे वाक्य में तीन गुण होने चाहिए (a) Unity (एकता) ( b) Clearness (स्पष्टता) (c) Emphasis (प्रभाव शक्ति) ।

(a) Unity - (एकता) वाक्य की एकता का अर्थ है कि वाक्य में दो प्रकार के विचार एक साथ व्यक्त न किये जायें । यदि ऐसे विचार जिनका एक दूसरे से सम्बन्ध न हो, एक ही वाक्य प्रयोग में किये जाते हैं तो वाक्य का सौन्दर्य नष्ट हो जाता है । जैसे- He stood first in the examination and was poor.
यहाँ पर दो भिन्न विचार, जिनका एक दूसरे से कोई सम्बन्ध नहीं है, प्रयोग किये गये हैं वाक्य का सौन्दर्य नष्ट हो गया है ।

अतः वाक्य में Unity या एकता लाने के लिए दो असम्बन्धित विचारों का एक साथ प्रयोग न किया जाय, तथा तारीफ करने वाले शब्दों को उन शब्दों के निकट रखने का प्रयत्न किया जाये, जिन शब्दों की वे तारीफ कर रहे हैं।

(b) Clearness (स्पष्टता) - वाक्यों का अर्थ स्पष्ट होना चाहिए । Relative Pronouns (who, which, whom, what आदि), Relative Adverbs (when, where आदि ) और Adverbs (only, hardly, scarcely, seldom, often, always) आदि उचित स्थान पर प्रयोग नहीं किये जाते हैं तो मतिभ्रम पैदा हो जाता है और सही अर्थ समझ में नहीं आता है । जैसे

I have read Rama's book who is my friend. (गलत हैं)
I have read the book of Ram who is my friend. (सही है)

• ध्यान रहे Relative Pronoun या Relative Adverb जिस शब्द के लिए प्रयुक्त हों उसके पास ही प्रयोग करना चाहिए ।

(c) Emphasis (प्रभाव शक्ति) जब किसी विचार पर वाक्य में जोर देकर कहा जाता है तो वाक्य में प्रभाव शक्ति उत्पन्न हो जाती है । वाक्य में निम्न साधनों द्वारा प्रभाव शक्ति उत्पन्न की जा सकती है :

(i) महत्त्वपूर्ण शब्द से वाक्य आरम्भ किया जाय ।
Horrible indeed was sight of the disaster.

(ii) It का प्रयोग करके It is आई who did this यह मैं ही हूं जिसने यह कार्य किया हैं |

(iii) कुछ शब्दों को दोहराकर जैसे - Alone, all alone, on wide sea.

(iv) Climax (पराकाष्ठा) पर विचार ले आना ।

7. How to write a good paragraph-


एक अच्छे पैराग्राफ में भी यही तीन गुण होने चाहिए (a) Unity (एकता). (b) Clearness ( स्पष्टता, (c) Emphasis (प्रभाव शक्ति) ।

(a) Unity (एकता) - किसी पैराग्राफ की Unity का अर्थ यह है कि उसमें केवल एक main topic का वर्णन हो । कहने का अर्थ यह है कि प्रत्येक वाक्य में केवल एक ही भाव का वर्णन करें, तभी उस Paragraph में Unity होगी ।

(b) Clearness (स्पष्टता) - Paragraph यथेष्ट रूप से तभी समझ में आ सकता है जबकि उसके सभी वाक्य एक दूसरे से भली भाँति सम्बन्धित हों । कहने का अर्थ यह है कि वाक्य इस प्रकार के बनाये जायें कि एक वाक्य पढ़ने से दूसरा वाक्य स्वयं ही समझ में आ जाय और दोनों का सम्बन्ध स्पष्ट रूप से दिखाई पड़े ।

(c) Emphasis (प्रभाव शक्ति) - मुख्य भाव पर जोर डालने के लिए भाव को प्रकट प्रकट करने के लिए कई वाक्यों का प्रयोग करने में भी प्रभाव शक्ति उत्पन्न हो जाती है । करने वाले वाक्य या तो Paragraph के आरम्भ में रखना चाहिये । कभी-कभी एक ही भाव को प्रकट करने के लिए कई वाक्य का प्रयोग करने में भी प्रभाव शक्ति उत्पन्न हो जाती है 


उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गईं जानकारी पसंद आई होगी आप इस प्रकार अपने निबंध को लिखेंगे तो निबंध मे किसी भी प्रकार की त्रुटि नही मिलेगी|


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